थोडा सा और जी लेने दो
खो गया था मैं पता नहीं किस गहराई में
भटक गया था मन लक्ष्य के विपरीत दिशा में
अब वापस आना चाहता हूँ वो बुलंदियों के लिए
बदलना चाहता हूँ सपनो के दुनिया को हकीकत में
अब थोडा सा और जी लेने दो
वो आसमां है ऊपर अब छू लेने दो |
सपनों के दुनिया में जी रहा था ऐसे
उम्मीद और हौसला था दुनिया जीत लेंगे
हकीकत का पर्दा अब उठ गया, हो गया आरपार
दिल में कुछ धड़कन बंकि है और सांस रुक गयी है
अब थोडा सा और जी लेने दो
वो आसमां है ऊपर अब छू लेने दो |
बिखर चूका हूँ मैं फिर भी सिमटना चाहता हूँ
जिंदगी उजाड़ चुकी है फिरसे बसना चाहता हूँ
काश वो पल वापस आ जाये और बदल दूँ उसको
बस कुछ उम्मीद बची है और फिर बुझ जाऊं हमेशा के किया
अब थोडा सा और जी लेने दो
वो आसमां है ऊपर अब छू लेने दो |
वो आसमां है ऊपर अब छू लेने दो |
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